भोजपुरी लोरिकी (लोरिक और चंदा की लोक - गाथा) | Bhojpuri Loriki (Lorik Aur Chanda Ki Lok-gatha)

By: श्याम मनोहर पाण्डेय - Shyam Manohar Pandey


दो शब्द :

भोजपुरी लोरिकी एक लोक-गाथा है जो लोरिक और चंदा की प्रेम कहानी को दर्शाती है। इसमें नायक लोरिक और नायिका चंदा के बीच की भावनाओं, संघर्षों और सामाजिक मान्यताओं को प्रस्तुत किया गया है। कथा की शुरुआत में लोरिक और चंदा की मुलाकात होती है, और दोनों के बीच एक गहरा प्रेम विकसित होता है। लेकिन उनके प्रेम में कई बाधाएँ आती हैं, जैसे परिवार की इच्छाएँ और समाज की परंपराएँ। कहानी में चंदा की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अपने प्रेम के लिए संघर्ष करती है और अपने परिवार के सामने लोरिक के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है। इस गाथा में लोक गीतों और संवादों का समावेश है, जो इसे और भी जीवंत बनाता है। लोरिक की वीरता और चंदा की धैर्य की विशेषताएँ कहानी को आगे बढ़ाती हैं। कहानी के अंत में, प्रेम की जीत होती है, और लोरिक और चंदा एक-दूसरे के साथ होते हैं, जो दर्शाता है कि सच्चा प्रेम हर बाधा को पार कर सकता है। कहानी में स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाज और भावनाओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है, जो इसे एक महत्वपूर्ण लोक-गाथा बनाता है। इस गाथा के माध्यम से प्रेम, समर्पण और संघर्ष के विषयों को संप्रेषित किया गया है, जो आज भी लोगों के दिलों में स्थान रखता है।


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