छत्रपति शिवाजी (सचित्र जीवन चरित्र) | Chhatrapati Shivaji ( Sachitra Jivan Charitra)

By: पं. माता - Pt. Mata
छत्रपति शिवाजी (सचित्र जीवन चरित्र) | Chhatrapati Shivaji  ( Sachitra Jivan Charitra) by


दो शब्द :

इस पाठ में छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक भूमिका और उनकी वीरता का वर्णन किया गया है। लेखक ने यह बताया है कि कैसे शिवाजी ने अपने समय में विभिन्न चुनौतियों का सामना किया और भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। पाठ में यह भी चर्चा की गई है कि अंग्रेजों और मुसलमानों ने हमेशा हिंदू जाति को अयोग्य सिद्ध करने की कोशिश की है, जबकि इतिहास इस बात का गवाह है कि हिंदू शासक जैसे महाराज अशोक और विक्रमादित्य ने देश को समृद्धि की ओर अग्रसर किया। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि हिंदू जाति की अयोग्यता का आरोप लगाने के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि भारतीय समाज में पहले से मौजूद कलह और आपसी संघर्ष। इस प्रकार, शासक वर्ग ने हिंदुओं को कमजोर दिखाने के लिए उनकी अयोग्यता का प्रचार किया। लेखक ने यह भी कहा कि भारत के इतिहास में हिंदुओं की शासन संबंधी योग्यता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, और महाभारत तथा रामायण जैसी महान गाथाएँ इस बात की साक्षी हैं कि हिंदू संस्कृति में गहरी राजनीतिक समझ और शासन की क्षमता थी। पाठ में अंततः यह भावनाएँ व्यक्त की गई हैं कि हिंदू जाति को अपनी शक्तियों और पूर्वजों की गरिमा को पहचानते हुए एकजुट होना चाहिए, ताकि वे अपने खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त कर सकें। शिवाजी महाराज का उदाहरण इस संदर्भ में प्रेरणादायक है, जो साम्राज्य की स्थापना के लिए कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़े।


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