जहाँगीर का आत्मचरित (जहांगीरनामा) | Jahangir ka Aatmcharit ( Jahangirnama)

- श्रेणी: इतिहास / History जीवनी / Biography
- लेखक: जहांगीर - Jahangir बृजरत्नदास - Brijratnadas
- पृष्ठ : 937
- साइज: 30 MB
- वर्ष: 1956
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ "जहाँगीर का आत्मचरित" या "जहाँगीरनामा" का अनुवाद और इसके प्रकाशन की पृष्ठभूमि पर केंद्रित है। इसमें मुंशी देवीप्रसाद की ऐतिहासिक पुस्तकमाला की स्थापना की चर्चा की गई है, जिसे उन्होंने हिंदी में ऐतिहासिक रचनाओं के प्रकाशन के लिए स्थापित किया था। उन्होंने इस कार्य के लिए एक निधि का दान दिया था, जिससे ऐतिहासिक पुस्तकों का प्रकाशन संभव हो सका। पाठ में यह भी उल्लेखित है कि हिंदी साहित्य में ऐतिहासिक और जीवनी संबंधी रचनाओं की कमी है, और इसके लिए एक गंभीर प्रयास की आवश्यकता है। मुंशी देवीप्रसाद ने यह महसूस किया कि स्वतंत्रता के बाद भारत का इतिहास प्रस्तुत करने का यह समय है, और उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया। जहाँगीर का आत्मचरित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो मुगल साम्राज्य के इतिहास को दर्शाता है। यह ग्रंथ जहाँगीर द्वारा स्वयं लिखा गया है और इसके कई नाम और संस्करण हैं। पाठ में ग्रंथ के विभिन्न नामों और उनकी प्रतियों के बारे में जानकारी दी गई है, साथ ही इसके अनुवाद के लिए आवश्यक ज्ञान और जानकारी की बात भी की गई है। अंत में, अनुवादक त्रजरलदास ने इस ग्रंथ का अनुवाद करने का कार्य किया, जिससे हिंदी पाठकों को भारतीय इतिहास के इस महत्वपूर्ण हिस्से से परिचित कराने का प्रयास हुआ है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.