संस्कृत व्याकरण | Sanskrit Vyakaran

- श्रेणी: बाल पुस्तकें / Children संस्कृत /sanskrit
- लेखक: कपिलदेव द्विवेदी आचार्य - Kapildev Dwivedi Acharya
- पृष्ठ : 506
- साइज: 9 MB
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दो शब्द :
यह पाठ संस्कृत व्याकरण के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें भाषा और व्याकरण के महत्व, पाणिनि और उनके व्याकरण के सिद्धांतों की चर्चा की गई है। पाठ में व्याकरण के विभिन्न प्रकारों, जैसे कि सूददपाणिनि, उत्तरपाणिनि आदि का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, व्याकरण के विभिन्न तत्वों, जैसे धातु, प्रत्याहार, कारक, तद्धित आदि की व्याख्या की गई है। पाठ में पाणिनि की व्याकरणिक रचनाओं का महत्व भी बताया गया है, साथ ही उनके अनुयायियों और उनके योगदानों का भी उल्लेख किया गया है। संक्षेप में, यह पाठ संस्कृत व्याकरण के सिद्धांतों और उनके विकास पर एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिसमें विभिन्न आचार्यों और उनके योगदानों पर चर्चा की गई है। यह अध्ययन संस्कृत के शुद्ध उपयोग और उसके व्याकरणिक आधार को समझने में सहायक है।
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