शिशु रोग चिकित्सांक | Shishu Rog Chikitsank

By: आचार्य रघुवीर प्रसाद त्रिवेदी - Acharya Raghuvir Prasad Trivedi
शिशु रोग चिकित्सांक | Shishu  Rog Chikitsank by


दो शब्द :

इस पाठ में विभिन्न विद्वानों और चिकित्सकों के संदेश और शुभकामनाएँ शामिल हैं, जो एक विशेष आयुर्वेद पत्रिका 'सुधानिधि' के शिशुरोग अंक के प्रकाशन से संबंधित हैं। इस अंक का प्रकाशन स्वर्गीय भृदिवीशरण गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर होना है, जो इस विशेष अंक को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। पाठ में कई विद्वज्जनों की शुभकामनाएँ और उनके विचार प्रस्तुत किए गए हैं, जो इस अंक की गुणवत्ता और महत्व को दर्शाते हैं। आचार्य रघुवीरप्रसाद त्रिवेदी, जो इस अंक के संपादक हैं, उनके कार्य की सराहना की गई है और यह आशा व्यक्त की गई है कि इस अंक में शिशुरोगों की चिकित्सा पर उपयोगी लेख प्रकाशित होंगे। इसके अलावा, पाठ में विभिन्न विद्वानों द्वारा शिशुरोगों पर आधारित लेखों और अनुसंधानों की चर्चा है, जो आयुर्वेद के अनुसार शिशुओं के स्वास्थ्य और उनकी चिकित्सा से संबंधित हैं। पाठ में शिशु चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया है, जिसमें शिशु रोगों की पहचान और उपचार के आधुनिक तरीकों का भी उल्लेख है। अंत में, पाठ में सभी विद्वानों और चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दी गई हैं कि उनका योगदान इस विशेष अंक में सफलतापूर्वक शामिल हो और यह आयुर्वेद की सेवा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो।


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