मुकद्दस रसूल | Muqaddas-e-Rasool. by


दो शब्द :

"मुक़द्दस रसूल" शैखुल इस्लाम अल्लामा अबुल वफ़ा सनाउल्लाह अमृतसरी द्वारा लिखी गई एक पुस्तक है, जो "रंगीला रसूल" नामक किताब का जवाब है। इस पुस्तक में लेखक ने इस्लाम और उसके संदर्भ में उठाए गए आरोपों का जवाब दिया है। इसमें ख़ास तौर पर उन आरोपों का खंडन किया गया है जो पैगंबर मुहम्मद की ज़िंदगी पर लगाए गए थे। पुस्तक में उलमा-ए-किराम और इस्लामी समाचार पत्रों की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं, जो इस बात को दर्शाती हैं कि इस्लाम के अनुयायी अपने रसूल की शान में किए गए हमलों के प्रति कितने धैर्य और संयम से पेश आए हैं। लेखक ने आर्य समाज द्वारा प्रदर्शित नकारात्मक दृष्टिकोण को स्पष्टता से खारिज किया है और अपने उत्तर में इस्लामी सभ्यता और आचार का ध्यान रखा है। लेखक ने अपने तर्कों में न केवल इस्लामी दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि इस्लाम के अनुयायी कैसे अपने पैगंबर की पाक ज़िंदगी की रक्षा करते हैं। उन्होंने यह साबित किया कि इस्लाम की सच्चाई और सभ्यता को समझने के लिए ज़रूरी है कि लोग इन निंदनीय आरोपों की वास्तविकता को जानें और समझें। कुल मिलाकर, "मुक़द्दस रसूल" एक बौद्धिक और धार्मिक उत्तर है जो इस्लाम की रक्षा करता है और मुसलमानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करता है, ताकि वे अपने धर्म और मान्यताओं की गरिमा को बनाए रख सकें।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *