बृहत् हिंदी-हिंदी कोष पार्ट २ | Brihat Hindi-Hindi Kosh Part 2

By: बी. एल. अवस्थी - B. L. Avasthi वृजेन्द्र चतुर्वेदी - Vrijendra Chaturvedi


दो शब्द :

यह पाठ "वृहत हिन्दी-हिन्दी कोश" का एक अंश है, जिसमें विभिन्न शब्दों के अर्थ, उनके प्रयोग और संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई है। इसमें कई शब्दों के अर्थ, उन शब्दों का उपयोग, उनके व्युत्पत्ति, और विभिन्न प्रकार के प्रयोगों का विवरण दिया गया है। उदाहरण के लिए, 'धुँधला' शब्द का अर्थ छली, हठी, दुराग्रही, आदि के रूप में बताया गया है। इसके साथ ही, 'धुआं' शब्द के विभिन्न अर्थों और प्रयोगों का विवरण दिया गया है, जैसे कि लज्जा या भय से मुँह का रंग स्याह होना आदि। इस प्रकार, पाठ में शब्दों की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिससे पाठक शब्दों के सही अर्थ और उनके प्रयोग के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कोश विशेष रूप से भाषा के अध्ययन और शब्दावली के विस्तार के लिए उपयोगी है।


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