चरक संहिता | Charaka Samhita
- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Homoeopathic and Medical Sciences | होमियोपैथिक और चिकित्सा
- लेखक: सन्तनारायण श्रीवास्तव्य - Santnarayan Srivastava
- पृष्ठ : 394
- साइज: 44 MB
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ एक शोध प्रबंध के निर्माण और प्रकाशन की प्रक्रिया का वर्णन करता है। लेखक ने 1655 ई. में इस प्रबंध का आरंभ किया, लेकिन विभिन्न बाधाओं के कारण इसका पूर्ण होना 1672 में संभव हुआ। शोध प्रबंध का परीक्षण इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुआ, जहां इसे डी. फिल्. की उपाधि दी गई। लेखक ने अपने गुरु पंडित रघुवरमिट्ठलाल जी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें प्रेरणा और मार्गदर्शन दिया। लेखक ने यह भी बताया कि शोध प्रबंध के प्रकाशन की इच्छा उन्हें लगातार परेशान करती रही, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण इसे प्रकाशित कराने में कठिनाई हो रही थी। अंततः, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से सहायता प्राप्त हुई, जिससे प्रकाशन संभव हुआ। पीयुष प्रकाशन और अन्य सहयोगियों के प्रति लेखक ने अपनी कृतज्ञता जताई। लेखक ने अपनी पत्नी और परिवार के सदस्यों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने उन्हें इस कार्य में समर्थन दिया। अंत में, उन्होंने अपने माता-पिता और गुरु का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके जीवन और व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पाठ न केवल शोध प्रबंध की रचना और प्रकाशन के अनुभव को साझा करता है, बल्कि लेखक के व्यक्तिगत संबंधों और उनके जीवन में प्रेरणादायक व्यक्तियों का भी सम्मान करता है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.