शूद्रों का प्राचीन इतिहास | Sudron Ka Prachin Itihas

By: रामशरण शर्मा - Ramshran Sharma
शूद्रों का प्राचीन इतिहास | Sudron Ka Prachin Itihas by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: पुस्तक "शुद्रों का प्राचीन इतिहास" का उद्देश्य शुद्र वर्ग की उत्पत्ति और उनकी सामाजिक स्थिति का अध्ययन करना है। इसे डॉ. रामशरण शर्मा द्वारा लिखा गया है और इसका प्रकाशन भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा किया गया है। पुस्तक में शुद्रों के इतिहास का विस्तार से विश्लेषण किया गया है, जिसमें लगभग 500 ई. तक उनके सामाजिक परिवर्तनों का विवरण दिया गया है। लेखक ने शुद्रों की स्थिति को समझने के लिए प्राचीन भारतीय समाज की संरचना, संबंधों और भौतिक दशाओं का गहन अध्ययन किया है। पुस्तक में यह बताया गया है कि कैसे शूद्र वर्ग का निर्माण हुआ और कैसे समय के साथ उनकी स्थिति में परिवर्तन आया। यह पुस्तक न केवल शूद्रों के इतिहास को उजागर करती है, बल्कि व्यापक रूप से वर्ण व्यवस्था और प्राचीन भारतीय समाज के इतिहास को भी समझने में सहायक है। अनुवादक विजयनाथ ठाकुर के अनुसार, हिंदी पाठक वर्ग के लिए यह पुस्तक उपयोगी साबित होगी, क्योंकि यह शूद्रों की व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदान करती है। डॉ. शर्मा ने अपने शोध के दौरान विभिन्न स्रोतों का उपयोग किया है और सामाजिक सुधारों के संदर्भ में प्राचीन ग्रंथों के उद्धरण भी शामिल किए हैं। इस प्रकार, यह पुस्तक शुद्रों के प्राचीन इतिहास को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है, जो सामाजिक संरचना और परिवर्तन के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।


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