भूख - हिंदी | Bhukh - Hindi

By: चित्रा मुदगल - Chitra Mudgal
भूख - हिंदी | Bhukh - Hindi by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश निम्नलिखित है: 'BHOOKH' पुस्तक, जिसे चित्रा मुदगल ने लिखा है, समाज में भूख और उसके प्रभावों को दर्शाती है। यह कहानी उन लोगों की है जो मानवता की पहचान को खोते जा रहे हैं, जब उनके पास भोजन की कमी होती है। भूख केवल शारीरिक आवश्यकताओं से संबंधित नहीं है, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं को भी प्रभावित करती है। कहानी विभिन्न पात्रों के माध्यम से यह दिखाती है कि भूख के कारण लोग किस तरह से अपने मूल्यों और सिद्धांतों को छोड़ देते हैं। यह एक चेतावनी के रूप में काम करती है कि अगर समाज ने भूख और उसके परिणामों पर ध्यान नहीं दिया, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। पुस्तक में मानवता, संघर्ष और सामाजिक असमानताओं का गहरा विश्लेषण किया गया है। इस प्रकार, 'BHOOKH' एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को उजागर करती है और पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि भूख के कारण क्या-क्या परिवर्तन समाज में आ सकते हैं।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *