वनौषधि चन्द्रोदय (दूसरा भाग) | Vanoshadhi Chandrodaya( Vol. - 2)

By: चन्द्रराज भंडारी विशारद - Chandraraj Bhandari Visharad


दो शब्द :

"वनोषधि-चन्द्रोदय" के दूसरे भाग में लेखक श्री चंद्रराज भण्डारी ने विभिन्न औषधीय पौधों, उनके गुणों, उपयोग और अन्य विवरणों का संकलन किया है। यह पुस्तक औषधियों के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें पौधों के हिंदी नाम, उनके विशेष गुण और उपचारात्मक उपयोग के बारे में जानकारी दी गई है। पाठ में औषधीय पौधों की पहचान, उनके उपयोग के तरीके और उनकी चिकित्सा में भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया है। लेखक ने विभिन्न प्रकार की औषधियों की सूची तैयार की है, जिसमें हर पौधे का वैज्ञानिक नाम, स्थानीय नाम और उपयोग के तरीके शामिल हैं। यह पुस्तक औषधीय पौधों की जानकारी के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे उन लोगों के लिए उपयोगी माना गया है जो चिकित्सा और जड़ी-बूटियों में रुचि रखते हैं। इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को औषधीय पौधों के लाभ और उनके सही उपयोग के बारे में जागरूक करना है, ताकि लोग प्राकृतिक चिकित्सा की ओर आकर्षित हो सकें। पुस्तक की संरचना सरल और स्पष्ट है, जिससे पाठक आसानी से समझ सकें कि कौन सा पौधा किस प्रकार के रोगों के लिए उपयोगी है। अंत में, यह पुस्तक औषधीय पौधों की विविधता और उनके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती है, जो प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक अमूल्य संदर्भ हो सकती है।


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