बोधि - वृक्ष की छाया में | Bodhi - Vriksh Ki Chhaya Mein

- श्रेणी: दार्शनिक, तत्त्वज्ञान और नीति | Philosophy बौद्ध / Buddhism
- लेखक: भरत सिंह उपाध्याय - Bharat Singh Upadyay
- पृष्ठ : 179
- साइज: 6 MB
- वर्ष: 1962
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दो शब्द :
इस पुस्तक में बुद्ध और बौद्ध धर्म से संबंधित चयनित निबंधों का संग्रह किया गया है। लेखक भरतसिंह उपाध्याय ने बुद्ध के जीवन, उनके विचारों, और बौद्ध धर्म के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से विचार किया है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को बुद्ध के जीवन की मानवता, उनकी साधना, और बौद्ध धर्म की वास्तविकता से परिचित कराना है। लेखक ने बुद्ध को एक पूर्ण मानव के रूप में प्रस्तुत किया है, जो जीवन की जिज्ञासाओं का समाधान खोजते रहे। उन्होंने बुद्ध के व्यक्तित्व को सामान्य मानव के रूप में चित्रित किया, लेकिन साथ ही उन्हें 'प्रवुद्ध मानव' भी माना है, जो अपने जीवन में असाधारण थे। लेखक ने बुद्ध की करुणा, संवेदनशीलता और ध्यान की क्षमता पर भी प्रकाश डाला है। बुद्ध की आत्मकथा के संदर्भ में लेखक ने बताया है कि बुद्ध ने स्वयं कुछ नहीं लिखा, बल्कि उनके उपदेश मौखिक रूप से दिए गए थे और बाद में संकलित किए गए। पुस्तक में बुद्ध के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों, उनके परिवार, उनके त्याग और उनके ज्ञान की खोज का वर्णन है। सारांश में, यह पुस्तक बुद्ध और बौद्ध धर्म के गूढ़ तत्वों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है, जो पाठकों को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करती है। बुद्ध के जीवन की गहराई को समझने और उनके उपदेशों से लाभ उठाने के लिए यह पुस्तक अत्यंत मूल्यवान सिद्ध होती है।
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