आर्थिक भूगोल | Arthik Bhugol

- श्रेणी: अर्थशास्त्र / Economics भूगोल / Geography
- लेखक: शंकर सहाय सक्सेना - Shankar Sahay Saxena
- पृष्ठ : 558
- साइज: 10 MB
- वर्ष: 1951
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दो शब्द :
इस पाठ का विषय आर्थिक भूगोल है, विशेष रूप से मछली पकड़ने और इसके आर्थिक महत्व पर केंद्रित है। मछली एक महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत है, और इसका व्यापार विभिन्न देशों में व्यापक रूप से होता है। मछली जल्दी खराब होने वाली वस्तु है, इसलिए इसे संरक्षित करने के लिए ठंडे भंडारण तकनीकों का उपयोग किया जाता है। मछली के उद्योग में जापान, ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, कनाडा और फ्रांस जैसे देशों का विशेष महत्व है। जापान में मछली पकड़ने की गतिविधियाँ बहुत प्रचलित हैं, जहां की भूगोलिक स्थिति और जनसंख्या घनत्व इसे और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। जापान के तट पर मछलियों का भंडार प्रचुर मात्रा में है, और यहाँ मछली पकड़ने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, मछली का उपयोग कृषि में भी किया जाता है, जैसे कि मछली के आहार के रूप में अन्य पशुओं के लिए। मछली के उत्पादन में विभिन्न देशों के बीच प्रतिस्पर्धा है, और कई देशों में मछली की खेती और संरक्षण के तरीके विकसित किए गए हैं, ताकि मछलियों की संख्या स्थिर बनी रहे। ठंडे समुद्र के क्षेत्रों में मछलियों की अधिकता होती है क्योंकि वहाँ की पारिस्थितिकी मछलियों के विकास के लिए अनुकूल होती है। इस प्रकार, मछली पकड़ना न केवल एक उद्योग है, बल्कि यह मानव जीवन और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पाठ में मछली के महत्व, उसके वितरण, और विभिन्न देशों में उसके उत्पादन के तरीकों पर चर्चा की गई है।
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