सामाजिक अनुसंधान | Samajik Anusandhan

By: राम आहूजा - Ram Ahuja
सामाजिक अनुसंधान | Samajik  Anusandhan by


दो शब्द :

यह पाठ सामाजिक अनुसंधान और सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें सामाजिक सर्वेक्षण की परिभाषा, विशेषताएँ, उद्देश्य और प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। सामाजिक सर्वेक्षण एक सहकारी प्रयास है जो वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग करते हुए सामाजिक समस्याओं का अध्ययन करने और उनके समाधान के लिए जानकारी इकट्ठा करता है। हेरीसन की परिभाषा के अनुसार, सामाजिक सर्वेक्षण सहकारिता पर आधारित होता है और इसमें विभिन्न विशेषज्ञों का योगदान होता है। यह निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में सामाजिक घटनाओं या समस्याओं का अध्ययन करता है। सर्वेक्षण में वैज्ञानिक विधियों का उपयोग किया जाता है, और इसके निष्कर्षों को समाज के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने और समाज में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से प्रसारित किया जाता है। सामाजिक सर्वेक्षण की विशेषताएँ शामिल हैं: 1. यह निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में किया जाता है। 2. इसका संबंध सामाजिक घटनाओं और समस्याओं से होता है। 3. यह एक वैज्ञानिक पद्धति है जिसमें पक्षपात का स्थान नहीं होता। 4. इसमें मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों प्रकार के डेटा एकत्रित किए जाते हैं। 5. डेटा एकत्रित करने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग किया जाता है, जैसे अवलोकन, साक्षात्कार, और प्रश्नावली। सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करना, समस्याओं का समाधान करना, और समाज कल्याण की योजनाओं का विकास करना है। यह सामाजिक तथ्यों का संग्रह कर सकता है, सामाजिक समस्याओं का अध्ययन करता है, और सामाजिक घटनाओं के कारणों और संबंधों का पता लगाता है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सर्वेक्षण का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नए सिद्धांतों का सत्यापन और सामाजिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करना भी है। इस प्रकार, सामाजिक सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण है जो समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करता है।


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