ज्योतिष तत्व प्रकाश | Jyotish Tattva Prakash

- श्रेणी: ग्रह , नक्षत्र / grah nakshtra ज्योतिष / Astrology धार्मिक / Religious
- लेखक: पं. लक्ष्मीकांत कन्याल - pt. Lakshmi Kant Kanyal
- पृष्ठ : 811
- साइज: 71 MB
- वर्ष: 1931
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दो शब्द :
इस पाठ में ज्योतिष शास्त्र के महत्व और उसके अध्ययन को प्रस्तुत किया गया है। लेखक, जो स्वर्गीय श्री लक्ष्मीकांत कांडपाल के पुत्र हैं, अपने पिता के योगदान और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हैं। उन्होंने बताया है कि मनुष्य का भविष्य ज्योतिष के अध्ययन से समझा जा सकता है, जहां ग्रहों और उपग्रहों की गति मानव जीवन पर प्रभाव डालती है। ज्योतिष शास्त्र को एक विज्ञान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो गणित पर आधारित है और इसके निष्कर्ष विश्वसनीय होते हैं। लेखक ने अपने पिता के कार्यों को सराहा है, जिन्होंने इस शास्त्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और जिनकी भविष्यवाणियाँ समय के साथ सही सिद्ध हुईं। पिता की स्मृति में प्रकाशित यह ग्रंथ, ज्योतिष के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास है, और लेखक ने समाज से आग्रह किया है कि वे इस ग्रंथ के बारे में अपनी राय साझा करें। ग्रंथ का पुनर्प्रकाशन लेखक के पिता की ज्योतिष विद्या को समर्पित है और इसे ज्योतिष प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री माना गया है। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि समाज में ज्योतिष की चर्चा और सम्मान आज भी जारी है, और उन्होंने अपने पिता की विद्या को आगे बढ़ाने का प्रण लिया है।
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