संस्कृत -सूक्ति- संग्रह | Sanskrit - Sukti - Sangrah

By: सत्यव्रतसिंह - Satyavratsingh
संस्कृत -सूक्ति- संग्रह | Sanskrit - Sukti - Sangrah by


दो शब्द :

इस पाठ में संस्कृत की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर की महत्ता को उजागर किया गया है। यह 'संस्कृत-सूक्ति-संग्रह' नामक संकलन है, जो विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य सामान्य संस्कृत पाठ्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें संस्कृत के पद्य और गद्य दोनों प्रकार की रचनाएँ शामिल की गई हैं। पाठ में यह बताया गया है कि संस्कृत कविता और साहित्य ने भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया है और यह भारतीय सभ्यता की प्राचीन निधि है। संस्कृत का ज्ञान न केवल एक भाषा के रूप में, बल्कि भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। यह पाठ बताता है कि संस्कृत का अध्ययन करने से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने और बनाए रखने में मदद मिलती है। पाठ में ऋतुओं, प्राकृतिक दृश्यों, और महान कवियों जैसे वाल्मीकि, कालिदास आदि की रचनाओं का उल्लेख किया गया है, जो संस्कृत साहित्य की विविधता और गहराई को दर्शाते हैं। संक्षेप में, यह पाठ संस्कृत भाषा और साहित्य के अध्ययन की आवश्यकता और इसके महत्व को स्पष्ट करता है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसे सहेजने की प्रेरणा मिलती है।


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