हिंदी कहानियां | Hindi Kahaniyan

By: धीरेन्द्र वर्मा - Dheerendra Verma
हिंदी कहानियां | Hindi Kahaniyan by


दो शब्द :

भारत में कथा-कहानियों का इतिहास प्राचीन है, जिसका आरंभ उपनिषदों, महाभारत के उपाख्यानों और जातक कथाओं से हुआ। आधुनिक हिंदी कहानी का विकास 1600 ई. में 'सरस्वती' और 'सुदर्शन' पत्रिकाओं के प्रकाशन के साथ शुरू हुआ, और यह प्रेमचंद के योगदान से 1915-16 में मुख्यधारा में आया। हिंदी की कला-पूर्ण कहानियों का इतिहास लगभग 25 वर्षों का है। कथा साहित्य के विकास के तीन प्रमुख युग हैं। प्राचीन काल में उपनिषदों और महाभारत की कहानियाँ थीं, जिनका उद्देश्य मनोरंजन नहीं बल्कि नीति और धर्म की शिक्षा देना था। फिर तेरहवीं शताब्दी में मुसलमानों के आगमन के साथ नई कथा परंपरा का विकास हुआ, जिसमें प्रेम का चित्रण प्रमुखता से देखने को मिला। इस युग में हास्य और विनोद की कहानियों का भी सृजन हुआ, जैसे कि अकबर और बीरबल की कहानियाँ। मुसलमानों के समय की कहानियों में प्रेम, हास्य और अस्वाभाविक घटनाओं का समावेश किया गया। प्रेम का चित्रण मौलिक और भोगजन्य दोनों प्रकार से देखने को मिला। इस प्रकार की कहानियों ने भारतीय संस्कृति में एक नया रंग भर दिया, जिसमें विभिन्न तत्वों का समावेश हुआ, जैसे कि प्रेमकथाएँ और हास्य-व्यंग्य। इस प्रकार, भारतीय कहानियों का इतिहास न केवल प्राचीन है, बल्कि इसमें समय-समय पर विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का समागम भी हुआ है, जिससे यह साहित्य समृद्ध और विविधतापूर्ण बना।


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