मध्यकालीन यूरोप का इतिहास | Madhyakaleen Europe Ka Itihas

By: वालमुकुंद विरोतम - Dr. Walmukund Biratom
मध्यकालीन यूरोप का इतिहास | Madhyakaleen Europe Ka Itihas by


दो शब्द :

यह पाठ "मध्यकालीन यूरोप का इतिहास" शीर्षक से है, जिसे डॉ. बालमुकुन्द वीरोत्तम ने लिखा है। यह ग्रंथ रोमन साम्राज्य के पतन से लेकर यूरोप में धर्म-सुधार आंदोलन तक की एक हजार वर्ष की अवधि का इतिहास प्रस्तुत करता है। मध्यकालीन यूरोप ने विभिन्न शासकों और धार्मिक परंपराओं के माध्यम से यूरोप को उत्तरकालीन विश्व के नेतृत्व के लिए तैयार किया। लेखक ने इस अवधि के दौरान बर्बर जातियों के आक्रमण, सामंतवाद, चर्च का प्रभाव, और विभिन्न यूरोपीय साम्राज्यों के उत्थान और पतन का वर्णन किया है। उन्होंने उल्लेख किया है कि कैसे ईसाई सिद्धांतों और अन्य सांस्कृतिक परंपराओं का मिश्रण यूरोप की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को प्रभावित करता था। इस ग्रंथ का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में उच्च स्तरीय मौलिक ग्रंथों की रचना को प्रोत्साहित करना है, साथ ही यह इतिहास के छात्रों के लिए उपयोगी सामग्री प्रदान करता है। लेखक ने इस ग्रंथ को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों के अनुरूप तैयार किया है और इसमें अद्यतन जानकारी का समावेश किया गया है। यह ग्रंथ न केवल इतिहास के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सामान्य पाठकों के लिए भी पठनीय है, क्योंकि इसमें विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक पहलुओं का समग्र चित्रण किया गया है। पाठ में कुल अठारह अध्याय हैं, जो मध्यकालीन यूरोप के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण प्रदान करते हैं।


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