सूर्य सिद्धांत | Surya Siddhant

- श्रेणी: जैन धर्म/ Jainism ज्योतिष / Astrology
- लेखक: उदय नारायण सिंह - Uday Narayan Singh
- पृष्ठ : 273
- साइज: 6 MB
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दो शब्द :
इस पाठ में भारतीय विद्या, संस्कृति और ज्ञान की प्राचीनता और महानता का वर्णन किया गया है। जब ज्ञान और सभ्यता का प्रकाश बढ़ा था, तब भारत ने अनेक क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया। पाठ में विभिन्न विषयों जैसे गणित, ज्योतिष, इतिहास, विज्ञान, और कला का उल्लेख किया गया है। भारत की विद्या और ज्ञान प्रणाली का विस्तार करते हुए यह बताया गया है कि प्राचीन भारतीय विद्वानों ने अनेक महत्वपूर्ण सिद्धांतों और गणनाओं का विकास किया, जो आज भी प्रासंगिक हैं। विशेष रूप से गणित और ज्योतिष में भारतीय विद्वानों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। पाठ में यह भी बताया गया है कि भारत ने विश्व को ज्ञान का उज्ज्वल प्रकाश प्रदान किया है। भारतीय विद्या की गहराई और उसके प्रभाव को रेखांकित करते हुए यह संकेत दिया गया है कि भारतीय सभ्यता ने न केवल अपने देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपना योगदान दिया है। इस प्रकार, पाठ भारतीय ज्ञान और विद्या की समृद्धि, उसकी ऐतिहासिक प्रासंगिकता, और उसके वैश्विक प्रभाव को उजागर करता है।
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