कबीर ग्रंथावली सटीक | Kabir Granthavali Satik

By: अज्ञात - Unknown


दो शब्द :

कबीर का जन्म सवत् 1454 या 1455 में हुआ, लेकिन उनकी जन्मतिथि और जन्मस्थान को लेकर विद्वानों के बीच कई मत हैं। कुछ विद्वान काशी को कबीर का जन्मस्थान मानते हैं, जबकि अन्य मगहर या आजमगढ़ जिले के बेलहरा गाँव को उनका जन्मस्थान मानते हैं। काशी को जन्मस्थान मानने वाले विद्वानों के पास कबीर की रचनाओं में काशी के उल्लेख हैं। वहीं, मगहर को जन्मस्थान बताने वाले विद्वान मानते हैं कि कबीर ने मगहर में जन्म लिया और वहां से काशी गए। कबीर की जाति को लेकर भी विवाद है। कुछ विद्वानों का मानना है कि कबीर हिन्दू जुलाहे थे, जबकि अन्य का कहना है कि वे मुसलमान जुलाहे थे। विद्वानों ने इस विषय पर विभिन्न तर्क दिए हैं, जैसे कि कबीर के जीवन के अनुभव, उनकी रचनाओं में जाति का उल्लेख, और उनके पालन-पोषण के संदर्भ में। कुल मिलाकर, कबीर का जीवन ज्यादातर काशी में व्यतीत हुआ, और वे मगहर में अंत के समय निवास करते थे। कबीर के जीवन का उद्देश्य अंधविश्वास और सामाजिक रूढ़ियों को मिटाना था। उनके विचार और रचनाएँ आज भी समाज में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।


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