आदर्श नगर व्यवस्था | Adarsh Nagar Vyavastha

By: श्री भोलानाथ शर्मा - Shree Bholanath sharma
आदर्श नगर व्यवस्था | Adarsh Nagar Vyavastha by


दो शब्द :

प्लातोन की "पौलितेइया" (रिपब्लिक) एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो ग्रीक भाषा में लिखा गया था और इसे विश्व साहित्य के श्रेष्ठ ग्रंथों में माना जाता है। इसका अनुवाद विभिन्न भाषाओं में किया गया है, लेकिन हिंदी में इसका कोई अच्छा अनुवाद पहले नहीं था। श्री भोलानाथ शर्मा ने इस कमी को पूरा किया है। इस ग्रंथ में प्लातोन के तत्त्वज्ञान, समाज नीति, शिक्षा पद्धति, मनोविज्ञान, न्याय और सुख प्राप्ति के रहस्य जैसे गहन विषयों पर चर्चा की गई है। यह ग्रंथ साहित्य, राजनीति और दर्शनशास्त्र के तीनों विषयों का समावेश करता है। इसका अनुवाद मूल ग्रीक भाषा से किया गया है, जिससे लेखक के भावों की पूर्ण रक्षा की गई है। अनुवादक ने अपनी जीवन यात्रा और अध्ययन के अनुभवों को साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि किस प्रकार उन्होंने मूल ग्रंथों का अध्ययन करने का संकल्प लिया और विभिन्न भाषाओं में ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि हिंदी में विश्व साहित्य के अनुवाद की कमी के कारण वे इस ग्रंथ का अनुवाद करने के लिए प्रेरित हुए। इस अनुवाद का उद्देश्य हिंदी साहित्य को समृद्ध करना और भारतीय विश्वविद्यालयों में प्लेटो की विचारधारा को प्रस्तुत करना है, ताकि छात्रों को सही और मूल विचारों का ज्ञान हो सके। अनुवादक ने अपनी कठिनाइयों और संघर्षों का भी उल्लेख किया है, जो उन्होंने इस ग्रंथ के अनुवाद में अनुभव किए। इस प्रकार, "पौलितेइया" का हिंदी अनुवाद न केवल एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्य है, बल्कि यह ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान में भी सहायक होगा।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *