प्राचीन मुद्रा | Prachin Mudra

- श्रेणी: इतिहास / History भारत / India
- लेखक: रामचन्द्र वर्मा - Ramchandra Verma
- पृष्ठ : 368
- साइज: 12 MB
- वर्ष: 1981
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दो शब्द :
इस पाठ में भारतीय प्राचीन इतिहास और मुद्रातत्त्व (सिक्कों का अध्ययन) के महत्व पर चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि प्राचीन भारत का लिखित इतिहास बहुत सीमित है, और कई महत्वपूर्ण घटनाओं का कोई लिखित प्रमाण नहीं मिलता। जैसे कि दारा का पंजाब पर अधिकार, सिकंदर की चढ़ाई, और ग़ज़नवी की आक्रमण। इन घटनाओं की जानकारी हमें अन्य स्रोतों से मिलती है, जैसे कि शिलालेख, ताम्रपत्र, सिक्के, और विदेशी यात्रियों के लेखन से। लेखक ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में मुद्रातत्त्व के अध्ययन में बहुत कम साहित्य उपलब्ध है, जबकि अन्य देशों में इसका अधिक अध्ययन हुआ है। भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए सिक्कों का विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि ये कई राजवंशों और उनके राजाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। पाठ में यह भी बताया गया है कि भारतीय मुद्रातत्त्व के क्षेत्र में विदेशी विद्वानों का काम अधिक मूल्यवान है, हालांकि भारतीय विद्वानों ने भी इस विषय पर कुछ कार्य किया है। लेखक ने कुछ प्रमुख विद्वानों और उनके कामों का उल्लेख किया, जिनमें से कुछ ने भारतीय सिक्कों का विस्तृत अध्ययन किया है। अंत में, लेखक ने यह आशा व्यक्त की कि अध्ययनकर्ताओं और विद्वानों को इस पुस्तक के माध्यम से भारतीय मुद्रातत्त्व पर अधिक जानकारी मिलेगी, जिससे भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी।
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