शिवराज विजय | Shivraj Vijay
- श्रेणी: इतिहास / History जीवनी / Biography भारत / India
- लेखक: भगवन दास - Bhagwan Das
- पृष्ठ : 662
- साइज: 17 MB
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दो शब्द :
इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: लेख में "शिवराज-विजय" नामक काव्य के महत्व और इसके लेखक श्री अम्विकादत्तव्यांजी के जीवन का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इसे एक महत्वपूर्ण काव्य माना गया है, जो साहित्य की दृष्टि से समृद्ध और ज्ञानवर्धक है। लेखक ने इस काव्य की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया है कि यह वीररस, करुणा, और अन्य रसों से भरा हुआ है, जो इसे अद्वितीय बनाता है। श्री अम्विकादत्तव्यांजी का परिवार और उनका प्रारंभिक जीवन भी वर्णित है। उनके पिता और भाई के बारे में जानकारी दी गई है, साथ ही यह भी बताया गया है कि कैसे उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए संघर्ष किया। उनके विवाह, शिक्षा, और साहित्यिक प्रतिभा के विकास पर भी प्रकाश डाला गया है। लेख में यह भी वर्णित है कि अम्विकादत्त व्यास ने कई साहित्यिक योगदान दिए हैं और उनके कार्यों की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके निधन का वर्णन करते हुए यह भी बताया गया है कि उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। कुल मिलाकर, यह पाठ एक साहित्यिक समीक्षा है, जिसमें कवि की जीवनी, उनके काव्य की विशेषताएँ, तथा उनके योगदान का समावेश है।
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