ज्वर के कारण और चिकित्सा | Jwar Ke Karan Aur Chikitsa

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Health and Wellness | स्वास्थ्य
- लेखक: युगलकिशोर चौधरी - yuglakishor Chaudhary
- पृष्ठ : 50
- साइज: 1 MB
- वर्ष: 1939
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दो शब्द :
इस पाठ में ज्वर (बुखार) के कारणों और उपचारों पर चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि ज्वर एक व्यापक रोग है, जिससे लगभग हर परिवार प्रभावित होता है। ज्वर के कारण अक्सर प्राकृतिक जीवनशैली का उल्लंघन और अस्वास्थ्यकर भोजन है। लेखक का कहना है कि जो लोग जंगलों में रहते हैं और प्राकृतिक जीवन व्यतीत करते हैं, वे इस प्रकार के रोगों से अछूते रहते हैं। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि आधुनिक चिकित्सा और औषधियाँ अक्सर ज्वर के उपचार में असफल रहती हैं, लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से, जैसे कि नग्न स्नान और प्राकृतिक आहार, ज्वर को आसानी से ठीक किया जा सकता है। लेखक ने यह सुझाव दिया है कि बुखार के रोगियों को आराम, हल्के कपड़े और स्वच्छ हवा की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, पाठ में बताया गया है कि बुखार के दौरान शरीर में जमा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए प्राकृतिक उपाय जैसे मिट्टी की पट्टी का उपयोग किया जा सकता है। बुखार के इलाज में मानसिक शांति और आराम बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, लेखक ने ज्वर के उपचार के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के तरीकों को प्राथमिकता दी है और बताया है कि स्वाभाविक जीवनशैली अपनाने से ज्वर और अन्य रोगों से बचा जा सकता है।
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