इ-तिसंग की भारत-यात्रा | E-tisang Ki Bharat-yatra

- श्रेणी: Travel | यात्रा साहित्य / Literature
- लेखक: पं संतराम - Pt. Santram
- पृष्ठ : 474
- साइज: 15 MB
- वर्ष: 1925
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दो शब्द :
इस पाठ में लेखक ने भारतीय इतिहास को समझने और उसकी सामग्री को एकत्रित करने के महत्व पर बल दिया है। वह विदेशी भाषाओं में लिखी गई भारतीय इतिहास से संबंधित सामग्री के हिंदी में अनुवाद की आवश्यकता को उजागर करते हैं, ताकि भारतीय विद्वान इस सामग्री का उपयोग कर सकें और इतिहास के निर्माण में सहायता प्राप्त कर सकें। लेखक ने भारतीय विद्वानों की कठिनाइयों का उल्लेख किया है, जो विदेशी भाषाओं को सीखने में समय और ऊर्जा खर्च करते हैं, जिससे वे अपने मुख्य कार्य पर ध्यान नहीं दे पाते। लेखक ने अपनी पुस्तक "अलवेरूनी का भारत" और "इ-स्सिड्ड की भारत-यात्रा" के संदर्भ में भी बात की है, जिसमें उन्होंने विदेशी लेखकों के अनुभवों को प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह उम्मीद जताई है कि उनके अनुवादों से पाठकों का ऐतिहासिक ज्ञान बढ़ेगा। इसके अलावा, लेखक ने विभिन्न विद्वानों का धन्यवाद किया है जिन्होंने उनकी पुस्तक के महत्त्व को बढ़ाने में सहायता की है। पाठ में लेखक ने "इ-त्सिड्ड" नामक चीनी पर्यटक की भारत यात्रा का उल्लेख किया है, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी अन्य स्रोतों से नहीं मिलती। उन्होंने इस पुस्तक के अनुवाद की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों का भी जिक्र किया है। अंत में, लेखक ने इस कार्य को महत्वपूर्ण मानते हुए इसे भारतीय इतिहास के अध्ययन में एक नई दिशा देने की संभावना व्यक्त की है।
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