प्राचीन चरित्रकोष | Prachin Charitra Kosh

By: सिद्धेश्वर शास्त्री चित्राव - Siddheshwar Shahtri Chitraw


दो शब्द :

इस पाठ का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और इतिहास को व्यवस्थित और संदर्भित रूप में प्रस्तुत करना है। इसमें प्राचीन भारतीय साहित्य जैसे वेद, स्मृति, पुराण, और जैन साहित्य में वर्णित व्यक्तियों का जीवन परिचय और उनके कार्यों का संकलन किया गया है। यह ग्रंथ "प्राचीन चरित्रकोश" के नाम से जाना जाता है, जिसमें लगभग बारह हजार चरित्रों का समावेश है, जिनमें राजा, ऋषि, रानी, देवता, और अन्य समर्पित चरित्र शामिल हैं। लेखक ने इस कोश के महत्व को उजागर करते हुए कहा है कि यह ग्रंथ न केवल एक साधारण संदर्भ पुस्तक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, इतिहास, और ज्ञान के विभिन्न पहलुओं को समझने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। इस कार्य का उद्देश्य पाठकों को भारतीय इतिहास के प्रति जागरूक करना और उनके लिए उपयोगी जानकारी प्रदान करना है। इस ग्रंथ को तैयार करने में विभिन्न विद्वानों और संस्थाओं का योगदान रहा है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान को संरक्षित और प्रस्तुत करने के लिए समर्पित हैं। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि आधुनिक युग में अनुसंधान और अध्ययन के माध्यम से भारतीय इतिहास का ज्ञान और भी विस्तृत किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यह ग्रंथ भारतीय इतिहास और संस्कृति के महत्व को रेखांकित करता है और पाठकों को उनके ज्ञान को विस्तार देने का अवसर प्रदान करता है।


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