सुश्रुत संहिता भाग-१ | Sushrut Samhita Bhag 1

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद विज्ञान / Science
- लेखक: भास्कर गोविन्द घाणेकर - Bhaskar Govind Ghanekar
- पृष्ठ : 550
- साइज: 36 MB
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति, विशेष रूप से आयुर्वेद और उसके ग्रंथों पर आधारित है। इसमें सुश्रुत संहिता का महत्व और उसकी टीका लेखन की प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। लेखक ने आयुर्वेद के विभिन्न तंत्रों, जैसे कि चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, और वाग्भट की चर्चा की है। पाठ में यह बताया गया है कि प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों के अनुवाद में कई चुनौतियाँ आई हैं, और कैसे इन ग्रंथों को सरल हिंदी में प्रस्तुत किया जा सकता है ताकि विद्यार्थी आसानी से समझ सकें। प्रस्तावना में यह उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेद का अध्ययन करते समय विद्यार्थियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करने के लिए यह टीका आवश्यक है। इस टीका में मूल पाठ के साथ-साथ उसका हिंदी अनुवाद और व्याख्या दी गई है, ताकि छात्र समझ सकें कि मूल पाठ में क्या लिखा गया है और उसकी व्याख्या में क्या अधिक जानकारी प्रदान की गई है। पाठ में यह भी चर्चा की गई है कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच आयुर्वेद की प्रासंगिकता और इसके अध्ययन की आवश्यकता है। लेखक ने प्राचीन चिकित्सकों की विद्वता और उनके द्वारा विकसित की गई चिकित्सा पद्धतियों की प्रशंसा की है। अंत में, पाठ में यह बताया गया है कि आयुर्वेद का अध्ययन न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और ज्ञान का एक अभिन्न हिस्सा भी है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.