यक्षिणी भैरव सिद्धि | Yakshini Bhairav Siddhi

- श्रेणी: Magic and Tantra mantra | जादू और तंत्र मंत्र Vedanta and Spirituality | वेदांत और आध्यात्मिकता
- लेखक: राजेश दीक्षित - Rajesh Dixit
- पृष्ठ : 218
- साइज: 14 MB
- वर्ष: 1624
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दो शब्द :
इस पाठ में "यक्षिणी भैरव सिद्धि" विषयक तंत्रशास्त्र पर आधारित जानकारी प्रस्तुत की गई है। लेखक राजेश दीक्षित ने इस पुस्तक में विभिन्न तंत्र-साधन, मंत्र, यंत्र और विद्या का संकलन किया है। साधकों को यह सलाह दी गई है कि वे इस पुस्तक का उपयोग अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए नहीं करें, बल्कि इसे गंभीरता से समझें और ध्यान से साधना करें। साधक को यह भी याद रखना चाहिए कि तंत्र और जादू-विद्या के इस ज्ञान का उपयोग सिर्फ सकारात्मक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। पुस्तक में बताए गए मंत्र और साधन केवल मार्गदर्शन का साधन हैं, और असली सिद्धि के लिए गुरु की आवश्यकता होती है। इस ग्रंथ में यक्षिणी, दशमहाविद्या, योगिनी, नायिका, नागिनी, भूतिनी, पिशाचिनी, डाकिनी और अन्य शक्तियों के साधनों का विस्तृत वर्णन किया गया है। साधकों को यह समझाया गया है कि किसी भी तंत्र या मंत्र की सिद्धि उनके श्रद्धा और विश्वास पर निर्भर करती है। अंत में, लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि साधकों को किसी भी तंत्र साधना को शुरू करने से पहले योग्य गुरु से निर्देश और आशीर्वाद लेना चाहिए, ताकि उनकी साधना सफल हो सके और वे विध्नों से मुक्त रह सकें।
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