महाभारत वन पर्व | Mahabharat Van Parv

By: श्रीपाद दामोदर सातवलेकर - Shripad Damodar Satwalekar


दो शब्द :

इस पाठ में महाभारत के कुछ महत्वपूर्ण प्रसंगों का विवरण दिया गया है। पाठ में राक्षसों और पाण्डवों के बीच हुए युद्ध का वर्णन है, जिसमें भीम ने अपने बल से कई राक्षसों को पराजित किया। भीमसेन की वीरता और पाण्डवों की एकता की प्रशंसा की गई है। इसके अलावा, द्रौपदी के गुणों का भी उल्लेख किया गया है और यह बताया गया है कि पाण्डव कैसे अपने परिवार की रक्षा के लिए संघर्ष करते हैं। पाठ में विदुर की सलाह और धर्मराज के वचन भी शामिल हैं, जो पाण्डवों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाकाव्य में कृष्ण का भी विशेष स्थान है, जहाँ उन्हें विष्णु का अवतार बताया गया है। पाठ में युद्ध के समय कृष्ण की भूमिका और उनकी शक्ति का वर्णन किया गया है, जो दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने में पाण्डवों की सहायता करते हैं। इस प्रकार, यह पाठ पाण्डवों की संघर्षशीलता, नैतिकता, और उनके द्वारा सामना की गई चुनौतियों को उजागर करता है।


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