हिंदी व्याकरण एंड रचना बोध | Hindi Vyakaran and Rachna Bodh
- श्रेणी: Grammar/व्याकरण साहित्य / Literature हिंदी / Hindi
- लेखक: डोक्टर स्वर्णलता अग्रवाल - Docter Swaranlta Agrwal
- पृष्ठ : 370
- साइज: 6 MB
- वर्ष: 1979
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दो शब्द :
यह पाठ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा स्वीकृत एक पाठ्य पुस्तक का परिचय है, जो सेकण्डरी और हायर सेकण्डरी कक्षाओं के लिए तैयार की गई है। पुस्तक में हिंदी व्याकरण, निबंध और रचना से संबंधित सामग्री का समावेश किया गया है। इसे दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है: पहला भाग व्याकरण और भाषा-ज्ञान पर केंद्रित है, जिसमें शब्द-ज्ञान, पदान्वय, शब्द-रचना, वाक्य-विश्लेषण, विराम-चिह्न, शब्द-भेद, लोकोक्तियाँ और अशुद्धि संशोधन जैसे अध्याय शामिल हैं। दूसरे भाग में रचना-बोध का समावेश है, जिसमें पत्र-लेखन, तार-लेखन, निबंध-लेखन, अपठित संचय और संक्षिप्तीकरण जैसे विषय शामिल करते हैं। पुस्तक में व्याकरण संबंधी जानकारी को अधिकतम उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि विद्यार्थी आसानी से समझ सकें। प्रत्येक अध्याय के अंत में प्रश्नों का समावेश किया गया है, जिससे पाठक अपनी समझ को परख सकें। पत्र-लेखन में विभिन्न प्रकार के पत्रों को शामिल किया गया है और निबंध लेखन के लिए भी कई विषय दिए गए हैं। पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मौलिकता और अभिव्यक्ति को विकसित करना है। यह छात्रों को हिंदी भाषा के व्याकरण और रचना में दक्ष बनाने के लिए तैयार की गई है। पाठ्य सामग्री को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यार्थी सरलता से सीख सकें और बेहतर तरीके से अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित कर सकें।
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