हजार पहेलिया | Hazar Paheliyan

By: मुन्नालाल मिश्र - Munna Lal Mishra
हजार पहेलिया | Hazar Paheliyan by


दो शब्द :

इस पाठ में 'पद्देलियाँ' नामक पहेलियों का संग्रह प्रस्तुत किया गया है। पाठ का आरंभ कुछ छोटी पहेलियों से होता है जो बच्चों और पाठकों के लिए मनोरंजक हैं। पहेलियों के माध्यम से विभिन्न वस्तुओं, जीवों और घटनाओं के बारे में विचार किया गया है। पाठ में पहेलियों की विशेषताएँ, उनके अर्थ और उनके उत्तर दिए गए हैं। यह पहेलियाँ ज्ञानवर्धक हैं और बच्चों की सोचने की क्षमता को विकसित करने में सहायक होती हैं। पाठ में पहेलियों के साथ-साथ एक पुस्तक की चर्चा भी की गई है, जिसमें विभिन्न प्रकार की पद्देलियाँ संकलित की गई हैं। इसके अलावा, पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन पहेलियों को याद करने और बच्चों के साथ साझा करने का महत्व है। पाठ का अंत कुछ पहेलियों के माध्यम से किया गया है, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। इस प्रकार, यह पाठ न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि शिक्षा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बच्चों को संवाद और सोचने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।


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