विश्व इतिहास (प्राचीन काल) | Vishwa Itihas (Prachin Kaal)

By: डॉ. रामप्रसादत्रिपाठी - Dr. Ramprasad Tripathi
विश्व इतिहास (प्राचीन काल) | Vishwa Itihas (Prachin Kaal) by


दो शब्द :

इस ग्रंथ का नाम "विश्व-इतिहास (प्राचीन काल)" है, जिसे डॉ. रामप्रसाद त्रिपाठी ने लिखा है। यह पुस्तक प्राचीन मानव सभ्यता के विकास, उनके आविष्कारों और सामाजिक संरचना पर केंद्रित है। पुस्तक में मानव की प्रारंभिक जीवनशैली, उनके द्वारा अग्नि के प्रयोग, वस्त्रों का निर्माण, भोजन की समस्या, कृषि का आरंभ, तथा सभ्यता और संस्कृति के बीच के अंतर को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने बताया है कि मानव जाति ने लगभग पाँच लाख वर्ष पहले अग्नि का उपयोग करना सीखा, जिससे उन्होंने अपने जीवन को सरल बनाया। अग्नि ने उन्हें खाना पकाने, सुरक्षा, और प्रकाश का साधन प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने पशुओं की खाल से वस्त्र बनाना सीखा और भोजन की समस्या को हल करने के लिए शिकार और कंद-मूलों का उपयोग किया। कृषि के विकास के साथ मानव समाज में स्थायी निवास की प्रवृत्ति बढ़ी, जिससे समाज में वर्ग और आर्थिक विभाजन का आरंभ हुआ। लेखक ने यह भी बताया कि सभ्यता का संबंध बाहरी व्यवहारों से है, जबकि संस्कृति आचार-विचार और भावनाओं से संबंधित है। इस प्रकार, डॉ. त्रिपाठी ने प्राचीन मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि किस प्रकार मानव ने अपने विकास के क्रम में विभिन्न आविष्कार किए और सामाजिक संरचनाओं का निर्माण किया। यह ग्रंथ प्राचीन इतिहास की गहरी समझ प्रदान करता है और मानवता के विकास की कहानी को एक विस्तृत दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।


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