भारतीय मध्य युग का इतिहास | Bhartiya Madhya Yug Ka Itihas

- श्रेणी: इतिहास / History भारत / India समकालीन / Contemporary हिंदू - Hinduism
- लेखक: ईश्वरी प्रसाद - Ishwari Prasad
- पृष्ठ : 650
- साइज: 15 MB
- वर्ष: 1968
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में भारतीय मध्ययुग के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिसमें 1250 से 1542 ईसवी तक की घटनाओं का वर्णन किया गया है। लेखक इश्वरीमसाद ने इस पुस्तक में विभिन्न राजवंशों, आक्रमणों, राजनीतिक घटनाओं, और समाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का समावेश किया है। लेखक ने भारतीय इतिहास के अध्ययन में पूर्ववर्ती विद्वानों की आलोचना की है और नए दृष्टिकोणों को प्रस्तुत किया है। वह मानते हैं कि इतिहास केवल राजाओं और उनकी विजयों का वर्णन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के विकास और सामाजिक परिवर्तन का भी इतिहास है। पुस्तक में विभिन्न अध्यायों के माध्यम से भारत में मुस्लिम आक्रमणों, गजनवी वंश के उत्थान और पतन, दास वंश के शासन, तुगलक वंश के शासनकाल, और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन किया गया है। साथ ही, इसमें भारतीय समाज और संस्कृति के विकास और उस पर इस्लामी शासन के प्रभावों का भी विश्लेषण किया गया है। लेखक ने ऐतिहासिक सत्य की खोज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और निष्पक्षता से तथ्यों का वर्णन करने का प्रयास किया है। इस पुस्तक का उद्देश्य न केवल पाठकों को मध्ययुगीन इतिहास से अवगत कराना है, बल्कि उन्हें इस बात का भी ज्ञान देना है कि इतिहास का वास्तविक मूल्य क्या है। इस प्रकार, यह पाठ भारतीय मध्ययुग के ऐतिहासिक विकास, सामाजिक परिस्थितियों, और सांस्कृतिक प्रभावों का एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक इस युग की जटिलताओं और विविधताओं को समझ सकें।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.