हठयोगसंहिता | Hathyog Sanhita

By: स्वामी विवेकानंद - Swami Vivekanand
हठयोगसंहिता | Hathyog Sanhita by


दो शब्द :

श्रीआय महिला-हितकारिणी महापरिषद् का उद्देश्य महिलाओं की उन्नति को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत नियमित कार्यों की व्यवस्था, पत्र दारी धर्म का प्रचार, सामाजिक कुरीतियों का संशोधन और महिलाओं के बीच एकता को बढ़ावा देना शामिल है। परिषद का गठन विभिन्न रानी-महारानियों और समाज के प्रभावशाली महिलाओं द्वारा किया गया है। महिला सदस्यों के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता की व्यवस्था है, जिसमें चंदा देने के आधार पर विभिन्न प्रकार की सदस्यताएँ प्राप्त होती हैं। सदस्यों को एक पत्रिका भी प्रदान की जाएगी। परिषद का उद्देश्य न केवल महिलाओं की स्थिति को सुधारना है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया है कि परिषद का कार्य केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुषों को भी सहयोग देने की अनुमति है। इस प्रकार, यह संगठन एक समान और समावेशी दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का प्रयास कर रहा है। महापरिषद के अंतर्गत विभिन्न शैक्षिक और धार्मिक कार्य भी किए जाएंगे, ताकि महिलाओं के ज्ञान और आत्म-निर्भरता में वृद्धि हो सके। इसके अलावा, महिलाओं को आत्म-विश्वास और सामर्थ्य प्रदान करने के लिए कई कार्यक्रम और कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएंगी। सारांश में, श्रीआय महिला-हितकारिणी महापरिषद का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति को बढ़ावा देना है, जिससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ सके।


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