आधुनिक हिंदी नेत्र रोग विज्ञान | Adhunic Hindi Netra Rog Vigyan

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद विज्ञान / Science
- लेखक: दिनकर धोंडो साठवे - Dinkar Dhondo Sathe
- पृष्ठ : 417
- साइज: 45 MB
- वर्ष: 1947
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दो शब्द :
इस पाठ में "आधुनिक हिंदी नेत्ररोग विज्ञान" की एक किताब का परिचय दिया गया है, जिसे डॉ. दिनकर धोंडो साठये ने लिखा है। पुस्तक का उद्देश्य नेत्ररोग विज्ञान के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से वर्णन करना है। लेखक ने उल्लेख किया है कि यह किताब उनकी पहली किताब का अनुवर्ती संस्करण है, जिसका प्रकाशन जन और राष्ट्र सेवा के लिए किया गया है। लेखक ने इस पुस्तक में नेत्र से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों और दृष्टि संबंधी सिद्धांतों का विवेचन किया है। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों के ग्रंथों का संदर्भ लिया है, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली है। लेखक ने उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि पाठक इस पुस्तक को सराहेंगे। पुस्तक में प्रकाश के गुणों, उनके परावर्तन, और दृष्टि संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई है। लेखक ने नेत्र संबंधी चिकित्सा के महत्व को समझाते हुए इसे समाज के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने पाठकों से निवेदन किया है कि वे इस ज्ञान को अपने जीवन में शामिल करें और समाज की भलाई के लिए कार्य करें। संक्षेप में, यह पाठ एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक ग्रंथ का परिचय है, जो नेत्र रोग विज्ञान की जानकारी प्रदान करता है और लेखक की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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