भारतीय ज्योतिष | Bhartiya Jyotish

- श्रेणी: ज्योतिष / Astrology भारत / India
- लेखक: बालकृष्ण दीक्षित - Balakrishna Dixit
- पृष्ठ : 720
- साइज: 17 MB
- वर्ष: 1957
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दो शब्द :
इस पाठ में हिन्दी भाषा के संवर्द्धन और उसकी उपयोगिता पर चर्चा की गई है। भारत में हिन्दी को राजभाषा के रूप में अपनाने के बाद, यह आवश्यक हो गया है कि सभी सरकारी कार्यों में इसका प्रयोग किया जाए और इसे उच्चतम स्तर पर भी विकसित किया जाए। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक योजना बनाई है, जिसमें हिन्दी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए किताबों का प्रकाशन किया जाएगा। एक हिन्दी समिति का गठन किया गया है, जो पिछले वर्षों में हिन्दी के लेखकों को पुरस्कृत करती रही है और अब पुस्तक लेखन का कार्य आरंभ कर रही है। इस समिति का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 300 नई पुस्तकों का प्रकाशन करना है, जिसमें उन विषयों पर ध्यान दिया जाएगा जिनमें हिन्दी में कमी है। पाठ में एक ग्रंथ का उल्लेख किया गया है, जो ज्योतिषशास्त्र से संबंधित है। लेखक ने बताया है कि कैसे उन्होंने इस ग्रंथ के लेखन की योजना बनाई और इसके लिए विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों का अध्ययन किया। लेखक ने बताया कि इस ग्रंथ में ज्योतिष से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों का समावेश किया गया है और यह ग्रंथ अन्य भाषाओं में उपलब्ध ग्रंथों की तुलना में अधिक व्यापक है। लेखक ने यह भी कहा है कि इस ग्रंथ में कुछ विषयों का अभाव हो सकता है, परन्तु यह उनके द्वारा उपलब्ध सामग्री पर आधारित है। पाठ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह ग्रंथ एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो भविष्य में ज्योतिषशास्त्र के अध्ययन के लिए उपयोगी होगा। अंत में, लेखक ने पाठकों से आग्रह किया है कि वे इस ग्रंथ का अध्ययन करें और अपनी जिज्ञासा के अनुसार विषयों का चयन करें।
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