संस्कृत शब्दार्थ कौस्तुभ | Sanskrit Shabdarth Kaustubh

By: अज्ञात - Unknown
संस्कृत शब्दार्थ कौस्तुभ | Sanskrit Shabdarth Kaustubh by


दो शब्द :

'संस्कृत शब्दार्थ कौस्तुम' का तृतीय संस्करण संस्कृत भाषा और साहित्य के प्रति प्रेम रखने वाले अध्येताओं और विद्यार्थियों के लिए प्रस्तुत किया गया है। इस संस्करण में पहले के संस्करणों की तुलना में नए शब्दों और अर्थों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे यह और भी उपयोगी बन गया है। पाठक को शब्दों के अर्थ समझने में सरलता होगी, क्योंकि इसमें प्राचीन कवियों के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। संस्कृत भाषा की एकरूपता के लिए कोश का महत्वपूर्ण स्थान होता है, जिससे शब्दों का सही प्रयोग और व्याकरण के नियमों का पालन करना संभव होता है। पाणिनि जैसे महान व्याकरणज्ञों ने संस्कृत के शब्दों और उनके अर्थों को व्यवस्थित किया है। पाणिनि की अष्टाध्यायी में ऐसे सूत्र हैं जो शब्दों की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं। संस्कृत भाषा का संयमन उसके धातु, प्रकृति और प्रत्यय का विज्ञान है। यह कोश संस्कृत के शब्दार्थ विज्ञान को समझने में सहायता करता है और इसमें शब्दों की संख्या बढ़ाकर 60,000 से अधिक कर दी गई है। ग्रंथ के अंत में तीन उपयोगी परिशिष्ट भी शामिल हैं, जिनमें शास्त्रीय न्याय, संस्कृत कवियों और ग्रंथकारों का परिचय, और भौगोलिक नामों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। इस कोश का संकलन संस्कृत के सिद्धांत ग्रंथों और अन्य कोशों से सहायता लेकर किया गया है। लेखक ने इस कार्य में सहयोग करने वाले सभी विद्वानों और प्रकाशक को धन्यवाद दिया है और पाठकों से सुझाव भी मांगे हैं। यह कोश संस्कृत भाषा और साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक है।


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