महाराज छतरपाटी शिवाजी का जीवन चरित्र | Maharaj Chhatrapati Shivaji Ka Jeevan Charitra

- श्रेणी: इतिहास / History जीवनी / Biography
- लेखक: कर्तिकप्रसाद - Kartik Prasad
- पृष्ठ : 46
- साइज: 2 MB
- वर्ष: 1911
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दो शब्द :
इस पाठ में शिवाजी महाराज के जीवन और उनकी वीरता का वर्णन किया गया है। लेखक ने यह बताया है कि वीर पुरुषों की जीवनी समाज के लिए प्रेरणादायक होती है और शिवाजी ऐसे वीरों में से एक हैं। उनका जन्म 1630 में हुआ था और वे अपने पिता शाहजी और माता जीजाबाई के साथ बड़े हुए। शिवाजी का बाल्यकाल युद्ध कला में रुचि के साथ बीता, और उन्होंने शारीरिक कौशल जैसे तीरंदाजी और घुड़सवारी में महारत हासिल की। शिवाजी ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण किलों पर कब्जा किया और अपनी सेना का गठन किया। उन्होंने 1644 में तोरण किला जीता और धीरे-धीरे वीजापूर राज्य के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत की। शिवाजी के व्यक्तित्व में धर्म और समाज की रक्षा का एक गहरा भाव था, जिससे उन्होंने हमेशा हिंदू धर्म के प्रति अपनी निष्ठा को बनाए रखा। शिवाजी के जीवन में कई संघर्ष आए, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी रणनीति और साहस से विजय प्राप्त की। पाठ में यह भी दर्शाया गया है कि शिवाजी ने अपने साम्राज्य का विस्तार किया और स्थानीय लोगों की भलाई के लिए प्रयास किए। लेखक ने यह भी उल्लेख किया कि शिवाजी की वीरता और नेतृत्व कौशल ने उन्हें एक महान योद्धा के रूप में स्थापित किया जो भारतीय इतिहास में हमेशा जीवित रहेगा। अंत में, लेखक ने पाठकों से निवेदन किया है कि इस पुस्तक को पढ़ें और शिवाजी के गुणों से प्रेरणा लें।
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