हिंदी मुहावरा कोश | Hindi Muhavra Kosh

By: डॉ भोलानाथ तिवारी - Dr. Bholanath Tiwari
हिंदी मुहावरा कोश | Hindi Muhavra Kosh by


दो शब्द :

इस पाठ में "हिन्दी मुहावरा कोश" का परिचय दिया गया है, जिसमें मुहावरे और उनकी परंपरा पर चर्चा की गई है। 'मुहावरा' शब्द का मूल अरबी भाषा से है, जिसका अर्थ है 'बातचीत करना'। हिंदी में मुहावरे का प्रयोग एक विशेष अर्थ में होता है, और ये सामान्य भाषा के प्रयोग से अलग होते हैं। मुहावरों का जन्म तब होता है जब वक्ता अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए सामान्य भाषा को असमर्थ पाता है और नए मुहावरे का निर्माण करता है। मुहावरे विभिन्न आधारों पर जन्म लेते हैं, जैसे सादृश्य, प्रतीक, विशेष परिस्थितियों के वर्णन, व्यंग्य में उल्टी बात, ऐतिहासिक घटनाएँ, और असंभव स्थितियाँ। पाठ में मुहावरे की विशेषताओं का भी उल्लेख है। मुहावरे भाषा विशेष के होते हैं, जिनमें एकाधिक शब्द होते हैं और वे अक्सर क्रिया का भाव व्यक्त करते हैं। मुहावरे का अनुवाद दूसरी भाषा में करना कठिन होता है। इसके अलावा, मुहावरों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों पर किया जा सकता है, जैसे उनकी उत्पत्ति, प्रयोगकर्ता, स्रोत भाषा, और विषय के अनुसार। हिंदी मुहावरे की परंपरा संस्कृत से शुरू होती है, और मध्यकाल में फारसी, पश्तो, और आधुनिक काल में अंग्रेजी का भी प्रभाव पड़ा है। अंत में, पाठ में यह बताया गया है कि हिंदी में आदिकाल से ही मुहावरे का प्रयोग होता आया है, और विभिन्न कवियों द्वारा मुहावरे प्रयोग में लाए गए हैं, जिनमें कबीर और अन्य प्राचीन कवियों का उल्लेख किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ मुहावरों के महत्व और उनके विकास की जानकारी प्रदान करता है।


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