भारत में बौद्धधर्म का इतिहास | Bharat Mein Bauddh Dharm Ka Itihas

By: रिगजिन लुन्दुप लामा - Lama Rigdzin लामा तारनाथ - Lama Taranatha


दो शब्द :

इस पाठ में बौद्ध धर्म के इतिहास पर चर्चा की गई है, जिसे तारनाथ द्वारा लिखा गया है। यह ग्रंथ बौद्ध धर्म के विकास और उसके विभिन्न पहलुओं को समझाने के लिए महत्वपूर्ण है। तारनाथ ने अपनी रचना में बौद्ध धर्म के प्रारंभिक काल से लेकर विभिन्न शासकों और उनके योगदानों का उल्लेख किया है। इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद भारतीय पाठकों के लिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे बौद्ध धर्म के इतिहास को बेहतर समझ सकें। तारनाथ का जन्म 1577 ई. में हुआ और उन्होंने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की, जो बौद्ध धर्म के अध्ययन में सहायक हैं। इस ग्रंथ में बौद्ध धर्म के अनुयायियों, उनके विचारों, और इतिहास के विभिन्न कालखंडों का विवरण दिया गया है। इसके अलावा, इसमें बौद्ध धर्म के प्रति तारनाथ की व्यक्तिगत दृष्टि और उनके कार्यों की महत्ता को भी उजागर किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ बौद्ध धर्म के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो न केवल तारनाथ की दृष्टि को प्रस्तुत करता है बल्कि भारतीय संदर्भ में बौद्ध धर्म के विकास को भी दर्शाता है।


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