विश्व इतिहास की झलक | Vishv Itihas Ki Jhalak

By: पंडित जवाहरलाल नेहरू - Pt. Javaharlal Neharu
विश्व इतिहास की झलक | Vishv Itihas Ki Jhalak by


दो शब्द :

इस पाठ में विश्व-इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर चर्चा की गई है, जिसमें उस्मानी साम्राज्य की स्थिति, उसके प्रशासनिक ढांचे और उसके अंतर्विरोधों का वर्णन किया गया है। लेखक पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उस्मानी साम्राज्य के विकास के साथ-साथ उसके पतन के कारणों का विश्लेषण किया है। लेख में बताया गया है कि उस्मानी साम्राज्य में 'जानिसारी' नामक सैनिक वर्ग का गठन किया गया, जो गुलाम ईसाई लड़कों से बना था। इन लड़कों को विशेष शिक्षा देकर सेना में शामिल किया जाता था, जिससे वे बाद में मुसलमान बन जाते थे। यह प्रणाली अपने समय में अद्वितीय थी और साम्राज्य की शक्ति का आधार बनी, लेकिन समय के साथ यह प्रणाली कमजोर पड़ गई। इसके अलावा, पाठ में यह भी बताया गया है कि कैसे तुर्की की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों ने साम्राज्य के लिए समस्याएं उत्पन्न कीं। रूस, इंग्लैंड और आस्ट्रिया जैसे शक्तिशाली पड़ोसी देशों के बीच अस्थिरता और शक्ति संघर्ष ने उस्मानी साम्राज्य को कमजोर किया। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि इंग्लैंड और रूस के बीच की प्रतिद्वंद्विता ने तुर्की को अपने प्रभाव क्षेत्र में बनाए रखने के लिए दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बना दिया। पाठ में साम्राज्य के विघटन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें विभिन्न बाल्कन देशों की स्वतंत्रता की लड़ाई और तुर्की के अंदरूनी संघर्षों का भी उल्लेख है। अंत में, लेखक ने बताया कि कैसे साम्राज्य के भीतर के विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों के बीच की असहमति ने भी उसकी कमजोरी में योगदान दिया। इस प्रकार, पाठ में उस्मानी साम्राज्य के उत्थान और पतन के विभिन्न पहलुओं का गहन विश्लेषण किया गया है, जो इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।


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