भामिनि विलासा | Bhamini Vilasa

By: महावीर प्रसाद द्विवेदी - Mahavir Prasad Dwivedi
भामिनि विलासा | Bhamini Vilasa by


दो शब्द :

यह पाठ पंडितराज जगन्नाथ की जीवनी और उनके काव्य रचनाओं पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि पंडितराज जगन्नाथ का जन्म तैलंग प्रदेश में हुआ था और उनके पिता का नाम पेठुभट्ट था। उन्होंने अपने पिता से गुरु दीक्षा ली और वाराणसी में अन्य विद्वानों से शिक्षा ग्रहण की। उनके जीवन में कई घटनाएँ घटित हुईं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण घटना यह है कि उन्होंने एक महात्मा से धार्मिक विवाद में विजय प्राप्त की और बाद में एक बादशाह के दरबार में पहुंचे। पंडितराज ने कई काव्य रचनाएँ कीं और उनका प्रसिद्ध काव्य 'गंगालहरी' है। इस पाठ में उनके जीवन और काव्य की विशेषताओं का वर्णन किया गया है। इसके साथ ही, यह भी उल्लेखित है कि पंडितराज का जीवन चरित्र लिखित नहीं है, जिससे उनकी उपलब्धियों और जीवन के बारे में जानकारी सीमित है। पाठ में यह भी बताया गया है कि पंडितराज के समय में विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों की कमी थी और यह बताया गया है कि उनके काव्य का अध्ययन करने से उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को समझा जा सकता है। कुल मिलाकर, यह पाठ पंडितराज जगन्नाथ के जीवन, उनके काव्य रचनाओं, और उनके समय के ऐतिहासिक संदर्भ को प्रकट करता है।


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