आरोग्य शास्त्र | Arogya Shastra

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Health and Wellness | स्वास्थ्य
- लेखक: श्री चंद्रसेन वर्मा - Shri Chandrasen Verma
- पृष्ठ : 836
- साइज: 44 MB
- वर्ष: 1932
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दो शब्द :
इस पाठ में स्वास्थ्य और चिकित्सा से संबंधित विभिन्न विषयों का समावेश किया गया है। इसमें गर्भाधान से लेकर प्रसव, शिशु पालन, स्नान पद्धति, भोजन की महत्वपूर्णताएँ, फल और द्रव्यों के उपयोग, तथा रोगों और कीटाणुओं के प्रभाव पर चर्चा की गई है। गर्भाधान और प्रसव के दौरान सावधानियों का उल्लेख किया गया है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान माता की देखभाल, उचित आहार, और प्रसव के समय की तैयारी शामिल है। शिशु पालन में बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक आहार, स्नान, व्यायाम, और नियमित आदतों का पालन करने की सलाह दी गई है। स्नान की विधियों और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव का भी विवरण दिया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के स्नान जैसे साधारण स्नान, वर्षा स्नान, और जल चिकित्सा के लाभ शामिल हैं। भोजन की वैज्ञानिक व्याख्या में आहार के पोषक तत्वों, उनके लाभ, और शुद्धता का महत्व बताया गया है। विशेष रूप से दूध, फल, और सब्जियों के गुणों का उल्लेख किया गया है। अंत में, कीटाणुओं और रोगों के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें उनकी पहचान, प्रभाव, और उनसे बचाव के उपाय शामिल हैं। यह पाठ स्वास्थ्य और चिकित्सा की एक समग्र दृष्टि प्रस्तुत करता है, जो लोगों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।
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