घट रामायण | Ghat Ramayan

- श्रेणी: भक्ति/ bhakti हिंदू - Hinduism
- लेखक: सतगुरु तुलसी साहिब - Satguru Tulsi Sahib
- पृष्ठ : 438
- साइज: 39 MB
- वर्ष: 1916
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दो शब्द :
"घट रामायन" संत तुलसी साहिब के जीवन और उनके उपदेशों का एक संग्रह है, जिसे शुद्धता के साथ छापने का प्रयास किया गया है। इस ग्रंथ का उद्देश्य संतों की बानी और उपदेशों को संरक्षित करना है, जो समय के साथ लुप्त हो रहे थे। इस पुस्तक के प्रकाशन के पीछे संतबानी पुस्तक-माला का विचार है, जिसमें विभिन्न संतों की शिक्षाओं को एकत्रित करना है। संत तुलसी साहिब का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, और वे बचपन से ही भक्ति में लीन रहे। उनके पिता ने उनकी शादी की, लेकिन तुलसी साहिब ने गृहस्थ जीवन से दूर रहकर भक्ति मार्ग को अपनाया। उन्होंने भक्ति और साधना की राह में कई कठिनाइयों का सामना किया और अंततः उन्होंने अपने अनुयायियों को उपदेश देते हुए अपना जीवन बिताया। तुलसी साहिब ने अपने जीवन में अनेक चमत्कार किए, जैसे रोगियों को ठीक करना और मुरदों को जीवित करना। उनके जीवन की घटनाएँ और उपदेश लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने। तुलसी साहिब का निधन लगभग 1820 में हुआ, और उनकी समाधि आज भी हाथरस में मौजूद है, जहाँ लोग दर्शन करने आते हैं। इस ग्रंथ के माध्यम से संत तुलसी साहिब की शिक्षाओं को सही रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिससे उनकी सच्ची बानी और उपदेशों का प्रचार हो सके। यह पुस्तक साधारण लोगों के लिए सुलभ मूल्य पर उपलब्ध करवाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
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