चुने हुए एकांकी नाटक | Chune Hue Ekanki Natak

By: हरदेव बाहरी - Hardev Bahari
चुने हुए एकांकी नाटक | Chune Hue Ekanki Natak by


दो शब्द :

इस पाठ में एकांकी नाटक की विशेषताओं और उसकी संरचना पर चर्चा की गई है। एकांकी नाटक हिंदी साहित्य में पश्चिम से आया है, लेकिन इसकी जड़ें संस्कृत नाटकों में भी पाई जाती हैं। एकांकी नाटक में एक ही मुख्य पात्र और एक या एक से अधिक सहायक पात्र होते हैं। यह नाटक एक विशेष घटना, परिस्थिति या समस्या पर केंद्रित होता है और इसकी कथा सरल और सीधी होती है। इसमें जटिलता का अभाव होता है और एकाग्रता के कारण इसका प्रभाव गहरा होता है। संकलन में विभिन्न प्रकार के नाटकों को शामिल किया गया है, जैसे पौराणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, और ऐतिहासिक। इन नाटकों की भाषा और विषय में विविधता है, जिनमें से कुछ सरल और कुछ कठिन होते हैं। पाठकों के लिए कठिन शब्द और उनके अर्थ भी अंत में प्रदान किए गए हैं। नाटक का परिचय देते हुए बताया गया है कि यह रामायण के पात्रों पर आधारित है, जिसमें राजा दशरथ अपने पुत्र राम को युवराज बनाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन रानी कैकेयी अपने पूर्व वचन के अनुसार राम को वनवास देने और भरत को राज्य देने की मांग करती है, जिससे दशरथ दुखी हो जाते हैं। नाटक में भावनाओं का गहरा चित्रण किया गया है, जिसमें दशरथ की मजबूरी और कैकेयी की इच्छाएं सामने आती हैं। इस प्रकार, पाठ एकांकी नाटक की विशेषताओं, उसके उद्देश्य और उसकी संरचना को स्पष्ट करता है, साथ ही रामायण की कथा को नाटक के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करता है।


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