वात व्याधि चिकित्सा | Vaat Vyadhi Chikitsa

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Health and Wellness | स्वास्थ्य
- लेखक: वैद्य श्री गोपीनाथ - Vaidya Shri Gopinath
- पृष्ठ : 370
- साइज: 35 MB
- वर्ष: 1958
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दो शब्द :
इस पाठ में वात व्याधियों की चिकित्सा के बारे में चर्चा की गई है। मानव शरीर में रोगों का मुख्य कारण वात, पित्त और कफ होते हैं। इनमें से वात सबसे सक्रिय और गतिशील होता है, जो अन्य दोषों को प्रभावित करता है और रोग उत्पन्न करता है। पाठ में बताया गया है कि वात व्याधियों के उपचार में आयुर्वेद की विधियों का महत्व है। वात व्याधियों के इलाज के लिए विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों की तुलना की गई है, जिसमें आयुर्वेद को सबसे प्रभावी बताया गया है। वैद्य श्ली गोपीनाथ द्वारा लिखित इस ग्रंथ में वात व्याधियों के लक्षण, निदान और चिकित्सा विधियों को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया है। पाठ में यह भी कहा गया है कि केवल दर्द निवारण से चिकित्सा पूर्ण नहीं होती, बल्कि रोग के मूल कारण की पहचान और उपचार आवश्यक है। अंत में, पाठ में अन्य लेखकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया है, जिन्होंने इस ग्रंथ के प्रकाशन में सहायता की। इस प्रकार, यह पाठ वात व्याधियों की चिकित्सा के आयुर्वेदिक दृष्टिकोण को समझाने के साथ-साथ चिकित्सा के प्रति सम्मान और समर्पण को भी प्रकट करता है।
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