लघु हिंदी शब्द सागर | Laghu Hindi Shabda Sagar

By: करुणापति त्रिपाठी - Kaunapati Tripathi
लघु हिंदी शब्द सागर | Laghu Hindi Shabda Sagar by


दो शब्द :

इस पाठ में हिंदी शब्दसागर की उत्पत्ति और विकास के बारे में चर्चा की गई है। इसमें यह बताया गया है कि हिंदी भाषा में शब्दकोश की आवश्यकता को समझते हुए, विभिन्न विद्वानों ने मिलकर 'हिंदी शब्दसागर' का निर्माण करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में कई प्रमुख व्यक्तियों का योगदान उल्लेखित है, जिनमें डा. जगन्नाथप्रसाद शर्मा, पं. विश्वनाथप्रसाद मिश्र, और प्री सुधाकर पाडेय शामिल हैं। पाठ में यह भी बताया गया है कि शब्दसागर के संक्षिप्त रूप का निर्माण किया गया और इसे उपयोगिता के अनुसार समय-समय पर संशोधित किया गया। संपादन कार्य में करुणापति त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसके बाद भी उन्हें कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने प्रयासों को जारी रखा। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रकाशन में कुछ विलंब हुआ, जिसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया। पाठ के अंत में, लेखक ने उन सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया है जिन्होंने इस कार्य में सहयोग दिया। अंततः, यह आशा व्यक्त की गई है कि यह कोश पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, विशेष रूप से हिंदी भाषा को समझने और पढ़ने में रुचि रखने वालों के लिए।


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