आजादी की छांव में | Azadi Ki Chhaon Mein

- श्रेणी: Freedom and Politics | आज़ादी और राजनीति भारत / India
- लेखक: बेगम अनीस किदवई - Begum Anees Kidwai
- पृष्ठ : 322
- साइज: 20 MB
- वर्ष: 2000
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दो शब्द :
"आजादी की छांव में" बेगम अनीस किदवई की लिखी हुई किताब है, जिसमें उन्होंने 1947-48 के दौरान भारत के विभाजन और उसके प्रभावों को अपने अनुभवों के माध्यम से दर्शाया है। यह पुस्तक उन घटनाओं का वर्णन करती है, जब देश में सांप्रदायिक दंगे भड़के और लाखों लोग अपनी जान, संपत्ति और सम्मान खो बैठे। लेखक ने इन घटनाओं को बहुत ही भावनात्मक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है, जिसमें उन्होंने अपने आसपास के लोगों की कहानियों, उनके दुख-सुख और उनकी मानवीयता को उजागर किया है। किताब में विभाजन के समय के हालात, लोगों की पीड़ा, बच्चों की लावारिस स्थिति, अपहत लड़कियों की समस्याएं, और शांति की तलाश जैसे विषय शामिल हैं। लेखक ने इस पुस्तक के माध्यम से यह भी बताया है कि कैसे एक राष्ट्र की पहचान और उसकी सभ्यता नैतिक मूल्यों की सुरक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह संदेश दिया है कि हमें अतीत से सबक लेना चाहिए और नई पीढ़ी को एक बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना चाहिए। बेगम अनीस ने इस किताब को लिखने में कई बाधाओं का सामना किया, लेकिन अंततः उनके प्रयास सफल हुए और यह किताब पाठकों के सामने आई। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से इंसानियत, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक एकता का संदेश दिया है, और यह कामना की है कि नया युग नैतिकता और मानवता के आधार पर आगे बढ़े।
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