शेर शाह सूरी | Sher Shah Suri

By: ज़ुलफ़िकार अली खान - ZULFIQAR ALI KHAN
शेर शाह सूरी | Sher Shah Suri by


दो शब्द :

इस पाठ में शेर शाह सूरी के जीवन और उनके शासनकाल की विशेषताओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। शेर शाह का जन्म 15वीं सदी के अंत में हुआ था और वह एक प्रतिभाशाली शासक के रूप में उभरे। उन्होंने अपने संक्षिप्त शासनकाल में भारत में कई महत्वपूर्ण सुधार किए, जिन्हें आज तक याद किया जाता है। उनके प्रशासन ने न केवल राजस्व प्रणाली को सुधारने का काम किया, बल्कि उन्होंने अपने शासन के दौरान न्याय और समानता को भी बढ़ावा दिया। शेर शाह की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उनकी राजस्व नीति थी, जिसमें उन्होंने भूमि के मापने और राजस्व के उचित निर्धारण की व्यवस्था की। उन्होंने किसानों के लिए अनुकूल शर्तें बनाई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। उन्होंने उन अधिकारियों के प्रति सख्ती दिखाई जो किसानों का शोषण करते थे और सुनिश्चित किया कि राज्य के राजस्व का संग्रह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। शेर शाह का दृष्टिकोण न केवल प्रशासनिक सुधारों की ओर था, बल्कि उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता और भारतीय एकता की भावना को भी बढ़ावा दिया। वे जानते थे कि एक सफल शासक बनने के लिए उन्हें अपने लोगों का प्यार और समर्थन प्राप्त करना होगा। उन्होंने अपने शासन में हिंदुओं की भलाई का भी ध्यान रखा। उनकी सबसे महत्वपूर्ण नीति थी कि उन्होंने अपने शासन के तहत सभी धर्मों के प्रति सम्मान दिखाया और सभी वर्गों के लिए समान अवसर प्रदान करने का प्रयास किया। इसके अलावा, उन्होंने व्यापार और परिवहन के लिए संरचनाओं का विकास किया, जैसे सड़कें और सरायें बनाना। शेर शाह की मृत्यु 1545 में हुई, लेकिन उनके द्वारा स्थापित नीतियाँ और प्रशासनिक सुधार भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके समाधि स्थल, जो आज भी मौजूद है, उनके महान कार्यों का प्रतीक है। उनके शासनकाल में किए गए सुधारों ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी और वे आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।


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