संस्कृत धातु कोश | Sanskrit Dhatu Kosh

By: काशीनाथ सिंह - Kashinath Singh


दो शब्द :

इस पाठ में संस्कृत धातुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि संस्कृत में लगभग 2500 धातुएं हैं, जिनमें से 2200 धातुओं को प्रादि उपसर्ग के साथ वर्गीकृत किया गया है। धातुओं को चार श्रेणियों में बांटा गया है: पाठित धातु, सूत्रधातु, ठोकिक धातु और पदिक धातु। लेख में यह भी उल्लेखित है कि संस्कृत शब्दों के दो मुख्य भाग होते हैं: एक नाम (सुवत) और दूसरा धातु (तिङ्त)। धातुओं के माध्यम से शब्दों का निर्माण होता है और उनके अर्थ भी धातुओं के आकार और प्रयोग पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा, पाठ में यह स्पष्ट किया गया है कि धातुओं के अर्थ को समझने के लिए विद्याार्थियों को इन धातुओं का ज्ञान होना आवश्यक है। पाठ में धातुओं के प्रयोग के उदाहरण भी दिए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कैसे विभिन्न धातुओं को जोड़कर नए शब्दों का निर्माण किया जा सकता है। अंत में, लेखक ने पाठ में किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा मांगी है और इसे सुधारने का आग्रह किया है।


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